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PRIMARY KA MASTER: हस्ताक्षर करके स्कूल से गायब हो गई परिषदीय शिक्षिका, वेतन रोकने के निर्देश

 PRIMARY KA MASTER: हस्ताक्षर करके स्कूल से गायब हो गई परिषदीय शिक्षिका, वेतन रोकने के निर्देश
हाथरस।


बीएसए शाहीन ने बृहस्पतिवार को कई स्कूलों का निरीक्षण किया। इसमें उन्हें कई स्कूलों में शिक्षिकाएं गैरहाजिर मिली। एमडीएम की गुणवत्ता भी निम्न स्तर की मिली। इस पर बीएसए ने जवाब-तलब किया है। वहीं, गैरहाजिर शिक्षिकाओं के वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।



निरीक्षण में बीएसए ने पाया कि संविलियन विद्यालय कपूरा में छात्र-छात्राएं यूनिफॉर्म में नहीं थे। कक्षाओं की छत पर शीलन मिली। फर्श पर टाइल भी नहीं लगे थे। विद्यालय में कायाकल्प योजना के तहत कोई कार्य नहीं हुआ है। प्रधानाध्यापक से तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

एनजीओ के माध्यम से वितरित किये जाने वाले भोजन, रोटी-सब्जी की गुणवत्ता भी निम्न स्तर की मिली। जिस पर डीसी एमडीएम को एनजीओ को नोटिस देने के निर्देश दिए। प्राथमिक विद्यालय नहरोई में शिक्षिका प्रियंका अनुपस्थित मिली। इस शिक्षिका का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।
वहीं विद्यालय में कार्यरत शिक्षिका तरुणा फोन पर बात करते हुए मिली। स्कूल में शिक्षण कार्य नहीं हो रहा था। इस पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। बीएसए ने प्रधानाध्यापक से भी विद्यालय में व्याप्त अव्यवस्था एवं रिकॉर्ड अपडेट न रखने के संबंध में जवाब मांगा है। एमडीएम की गुणवत्ता सही नहीं पाए जाने पर एनजीओ को नोटिस देने की बात कही है।
प्राथमिक विद्यालय नगला धन सिंह के निरीक्षण के दौरान शिक्षिका नम्रता सिंह अनुपस्थित थीं, लेकिन उपस्थित पंजिका में हस्ताक्षर हो रहे थे। जिस पर नम्रता का एक दिन का वेतन रोकने की कार्रवाई करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। यहां पर भी एनजीओ के खाने की गुणवत्ता सही नहीं मिली।

प्राथमिक विद्यालय ओढ़पुरा नगर क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान 50 के सापेक्ष आठ बच्चे बिना पोशाक के उपस्थित मिले। शैक्षिक गुणवत्ता निम्न स्तर की मिली। स्कूल परिसर में साफ-सफाई का अभाव था। इस पर शिक्षिका मुक्ता वार्ष्णेय से स्पष्टीकरण मांगा है।

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