Header Ads

सरकारी स्कूलों में आन-लाइन क्लास को लेकर हो रही घोर लापरवाही, शासन ने नाराज़गी जताते हुए तलब की रिपोर्ट

बरेली,। कोरोना संक्रमण के चलते प्रदेश भर में पढ़ाई को जारी रखने के लिए आन-लाइन को माध्यम बनाया गया है। शासन स्तर पर हुई समीक्षा बैठक में पाया गया कि 55 प्रतिशत छात्र-छात्राएं ही आन-लाइन पढ़ाई से जुड़ पा रहे हैं, जिस पर उच्च अधिकारियों ने नाराजगी व्यक्त की है। जिले के स्कूलों में आन-लाइन पढ़ाई के लिए व्यवस्था क्या है इसके संबंध में शासन की ओर से चार बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी गई थी, जिसे गुरुवार को विभाग की ओर से भेज दिया गया हैं।





जिले में 414 माध्यमिक स्कूल हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की ओर से चल रही मानीटरिंग के मुताबिक जिले में 60 प्रतिशत बच्चे ही वर्तमान में आन-लाइन कक्षा से जुड़ हैं। संक्रमण की रोकथाम के दृष्टिगत स्कूलों में छह फरवरी तक अवकाश है। इस दौरान आन-लाइन कक्षाएं चलाने के निर्देश हैं। लेकिन सीबीएसई, सीआईएससीई, यूपी बोर्ड समेत सभी बोर्ड के लगभग आधे बच्चे ही आन-लाइन कक्षाओं में जुड़ पा रहे हैं। बीते दिनों हुई माध्यमिक शिक्षा विभाग की वर्चुअल समीक्षा बैठक में उच्च अधिकारियों ने नाराजगी जताई। यूपी बोर्ड के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र जारी कर आन-लाइन कक्षाओं में शत-प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। यह ही नहीं छात्रों को आन-लाइन कक्षाओं से जोड़ते हुए इसकी सूचना भी मांगी। जो गुरुवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की ओर से विभाग को भेज दी गई।



चार बिंदुओं पर शासन ने मांगी थी रिपोर्ट



 जिला विद्यालय निरीक्षक डा. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि शासन ने स्कूलों में आनलाइन पढ़ाई की स्थिति को परखने के लिए चार बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी। इसमें कक्षा नवीं से बारहवीं में पंजीकृत छात्रों की संख्या, आनलाइन पढ़ाई कर रहे छात्रों की संख्या, वाट्सएप ग्रुपों की संख्या और कितने शिक्षक आनलाइन पढ़ाई करा रहे हैं इसकी जानकारी मांगी थी।

कोई टिप्पणी नहीं