सर! ड्यूटी काट दीजिए कोरोना जैसे लक्षण दिख रहे हैं:- बीपी, शुगर, हार्ट की बीमारी से दाल नहीं गली तो कइयों ने अब कोरोना को बना लिया हथियार

 सर! ड्यूटी काट दीजिए कोरोना जैसे लक्षण दिख रहे हैं:- बीपी, शुगर, हार्ट की बीमारी से दाल नहीं गली तो कइयों ने अब कोरोना को बना लिया हथियार

चुनाव ड्यूटी से नाम कटवाने के लिए बीपी, शुगर, हार्ट की बीमारी से दाल नहीं गली तो कइयों ने अब कोरोना को हथियार बना लिया है। मेडिकल बोर्ड के सामने पहुंचे एक कर्मचारी ने कहा कि उसे कोरोना जैसे लक्षण आ रहे हैं दो दिन से बुखार है और खांसी भी आ रही है। साहब...इयूटी से नाम काट दीजिए।


यह बात सिर्फ एक कर्मचारी की नहीं, ऐसे लोगों की लम्बी लिस्ट है। बोर्ड में बैठे अफसर भी हाजिरजवाच निकले। बोले, अभी चुनाव में सात दिन बचे हैं। सात दिन बाद निगेटिव हो जाएंगे। हां, अगर कोरीना पॉजिटिव है। तो उसकी रिपोर्ट दिखाइए। यह सुनकर कई तो बिना कुछ बताए लौट गए। इसके पहले दर्जनों की संख्या में मतदान कर्मचारी एडीएम वित्त कार्यालय में जाकर शुगर, बीपी और हार्ट की बीमारी का हवाला देकर ड्यूटी कटवाने को मांग कर चुके हैं।

दरअसल, पूरे जिले में एक साथ चुनाव की व्यवस्था से जिला प्रशासन के सामने कर्मचारियों का संकट आ गया है। दबाव किस कदर है, इसका
अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अफसरों के सरकारी वाहन चलाने वाले चालकों की बूटी बतौर दूसरों व्यवस्थाओं को सुचारु पीठासीन अधिकारी लगा दी गई है। मामला प्रकाश में आने के बाद अब इन नामों को काटा जा रहा है। एडीएम वित्त एवं राजस्व राजेश सिंह का
कहना है कि ड्यूटी न करने की जो परम्परा चलती आ रही है, उससे रूप में चलाने में दिक्कत होती है। बीमारी का बहाना बनाकर इयूटी कटवाने वालों के चक्कर में वास्तविक बीमार अपनी बात तक नहीं कह पाते। बीमार लोगों की पहचान करने के लिए मेडिकल बोर्ड बनाया गया है। जो कर्मचारी अपने को बीमार बता रहे हैं, वे बोर्ड के सामने प्रस्तुत हों। अगर बोर्ड को लगेगा कि संबंधित कर्मचारी ड्यूटी करने में सक्षम नहीं है तो कमेटी उनका नाम काटने पर विचार करेगी।

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