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नौनिहालों को मौखिक ही सुनाया जाएगा परीक्षाफल


बहराइच। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से संचालित परिषदीय विद्यालयों में वार्षिक परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन चल रहा है। शासन के निर्देशानुसार आगामी 31 मार्च को सभी छात्र-छात्राओं को परीक्षाफल घोषित करते हुए अंक पत्र वितरित किए जाने हैं, लेकिन अभी तक अंक पत्रों की खरीद के लिए बजट न जारी होने से शिक्षक असमंजस में हैं। ऐसे में अंक पत्र कब खरीदे जाएंगे व कब बनाए जाएंगे, इस पर सवालिया निशान लग रहे हैं। अंक पत्र उपलब्ध न होने से शिक्षकों द्वारा मौखिक रूप से ही परीक्षाफल की जानकारी छात्र-छात्राओं को देने की आशंका व्यक्त की जा रही है।


जिले में संचालित कुल 2803 परिषदीय विद्यालयों में बीते 20 मार्च से 24 मार्च तक वार्षिक परीक्षा का आयोजन किया गया था। इसके बाद उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर अंक पत्र तैयार किया जाना है। वार्षिक परीक्षा के दौरान उत्तर पुस्तिकाओं की खरीद के लिए शासन से धनराशि आवंटित न होने से जिले के शिक्षकों ने अपनी जेब से लगभग एक करोड़ रुपए मूल्य से अधिक की उत्तर पुस्तिकाएं खरीद कर किसी प्रकार परीक्षा का आयोजन कराया। अब अंक पत्रों की खरीद भी अपनी जेब से करने के लिए शिक्षक पीछे हट रहे हैं।

वर्तमान शैक्षणिक सत्र में परिषदीय विद्यालयों में छह लाख से अधिक छात्र- छात्राएं पंजीकृत हैं। बाजार में दुकानों पर बिकने वाले अंक पत्रों की कीमत लगभग तीन रुपए पड़ रही है। ऐसे में यदि शिक्षक अपनी जेब से अंक पत्रों की खरीद कर छात्र-छात्राओं को वितरित करते हैं तो उन्हें लगभग 18 लाख रुपए और अपनी जेब से खर्च करने पड़ेंगे। बीते वर्ष हुई वार्षिक परीक्षाओं के लिए भी कोई धनराशि आवंटित नहीं की गई थी। इस वर्ष भी धनराशि का आवंटन न होने से शिक्षकों में रोष व्याप्त है।


प्रवेश लेने में छात्र-छात्राओं को होगी परेशानी

परिषदीय विद्यालयों से कक्षा पांच व कक्षा आठ उत्तीर्ण कर दूसरे विद्यालयों में प्रवेश लेने के इच्छुक छात्र- छात्राओं को समय से अंक पत्र न मिलने से काफी परेशानियां उठानी पड़ेंगी। अंक पत्र के अभाव में वह दूसरे विद्यालयों में प्रवेश नहीं ले सकेंगे। ऐसे में छात्र-छात्राओं के साथ ही अभिभावक भी ऊहापोह की स्थिति में दिख रहे हैं।
बीते वर्ष भी शिक्षकों ने की थी खरीद

विभाग द्वारा अंक पत्र विद्यालयों में पहुंचाए जाने की घोषणा के बाद भी बीते वर्ष विद्यालयों में अंक पत्र नहीं पहुंचे थे। ऐसे में काफी संख्या में विद्यालयों में शिक्षकों ने अपने पैसे से अंक पत्रों की खरीद कर छात्र छात्राओं को बांटे थे। जबकि कई विद्यालयों में डेढ़ से दो माह बाद विभाग द्वारा अंक पत्र पहुंचाए जाने के बाद इनका वितरण हुआ था


अभी नहीं मिला कोई आदेश

अंक पत्रों की उपलब्धता के संबंध में 66 अभी तक कोई दिशा निर्देश शासन की ओर से नहीं भेजे गए हैं। शीघ्र ही इस संबंध में कोई निर्देश मिलने पर उसके अनुसार कार्य किया जाएगा। कक्षा पांच व आठ उत्तीर्ण छात्र छात्राओं को प्रवेश लेने में किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करने दिया जाएगा।

-श्रवण कुमार मिश्र,

डीसी प्रशिक्षण

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