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परिषदीय स्कूलों में अब हर क्लास के लिए होगा अलग रूम,योगी सरकार ने समय-सीमा भी की निर्धारित

उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में अलग-अलग कमरों में कक्षाएं चलाने की तैयारी है। योगी सरकार अगले पांच वर्षों में हर कक्षा के लिए न्यूनतम एक क्लास रूम की स्थापना करेगी। सभी कक्षाओं का सुचारु रूप से संचालन हो सकेगा और पठन-पाठन बेहतर होगा। साथ ही विद्यालय और छात्र और छात्राओं की सुरक्षा के लिए मनरेगा के बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया जाएगा।

उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों के कायाकल्प में जुटी योगी आदित्यनाथ सरकार प्राथमिक विद्यालयों के आधारभूत ढांचे में व्यापक सुधार करने की तैयारी की है। योगी सरकार ने अगले पांच साल में प्रत्येक कक्षा के लिए न्यूनतम एक कमरा बनाने की कार्ययोजना तैयार की है । सभी कक्षाओं के लिए अलग अलग कमरों की व्यवस्था के बाद पठन-पाठन की सुविधा में व्यापक सुधार आएगा।





सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि अभी तक अधिकांश परिषदीय विद्यालयों में दो से लेकर तीन कक्षा कक्ष ही होते हैं, जबकि उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में यह संख्या थोड़ी अधिक होती है। इनमें एक कक्ष प्रधानाध्यापक या प्रशासनिक कार्यों और उच्चतर में एक कमरा लिपिकीय कार्यों में इस्तेमाल होता है। ऐसे में सभी कक्षाओं के लिए क्लास रूम उपलब्ध न होने से कक्षाएं सुचारु रूप से नहीं चल पाती।

ज्यादातर प्राथमिक विद्यालयों में उपलब्ध एक या दो कमरों में ही सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों को बैठाने की मजबूरी होती है। लिहाजा शिक्षक खुले में अथवा पेड़ के नीचे कक्षाएं लेते रहे हैं। प्रतिकूल और खराब मौसम में तो खुले में कक्षाएं संभव नहीं होती हैं। ऐसे में पढ़ाई बाधित होती हैं। योगी सरकार ने अगले पांच साल में प्रत्येक कक्षा के लिए न्यूनतम एक कमरा बनाने की कार्ययोजना तैयार की है। सभी कक्षाओं के लिए अलग अलग कमरों की व्यवस्था के बाद पठन-पाठन की सुविधा में व्यापक सुधार आएगा।



उत्तर प्रदेश सरकार ने परिषदीय विद्यालयों की सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल बनाने की योजना बना रही है। इसका निर्माण मनरेगा के तहत कराया जाएगा। उल्लेखनीय है कि बाउंड्रीवाल के अभाव विद्यालयों के साथ पढ़ने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा होगी और स्कूल की जमीन पर कब्जे नहीं हो सकेंगे।

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