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एफआईआर में अव्वल, फर्जी शिक्षकों से रिकवरी में फिसड्डी, बेसिक शिक्षा विभाग का हाल, 74 शिक्षकों पर 38 करोड़ से भी ज्यादा की बनी है रिकवरी

 एफआईआर में अव्वल, फर्जी शिक्षकों से रिकवरी में फिसड्डी, बेसिक शिक्षा विभाग का हाल, 74 शिक्षकों पर 38 करोड़ से भी ज्यादा की बनी है रिकवरी

गोरखपुर। बेसिक शिक्षा परिषद फर्जो शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज कराने में आगे रहा है, लेकिन उनसे वेतन की रिकवरी करा पाने में फिसडडी है। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तैनात रहे, इन फर्जी शिक्षकों से रिकवरी के नाम पर एक भी पाई को बसूला नहीं जा सका है।
बेसिक शिक्षा विभाग के दफ्तर ने पिछले दो वो में बखांस्त 74 फर्जी शिक्षकों पर 38,3001263 रुपये कौ रिकवरों तैयार कर राजस्व विभाग को भेजा है। मगर, सुस्त ग्रक्रिपा के चलते अभी तक किसी शिक्षक पर कारंवाई नहीं हो सकी है। जबकि, सभी आरोपियों पर एफआईआर भी विभाग ने दर्ज कराई है स्रवाधिक वेतन डकारने वाले शिक्षकों की सूची में पहला नाम गोला ब्लॉक के उच्च प्राथमिक स्कूल ककरही में तैनात रहों सुधा देवी का है। 


इनपर 8401295 रुपये को रिकवरे बनी है। वहीं दूसरे नंबर पर कैंपियरगंज के प्राथमिक स्कूल नौबापार पर तैनात शिव बच्चन पर 82, 82063 रुपये और सरदारनगर ब्लॉक के प्राथमिक स्कूल महुआपार पर तैनात सुरेश 8233249 रुपये को रिकवरी बनी है। इसका पूरा ब्योरा विभाग ने तैयार कर जिला प्रशासन को सौंप दिया है। मगर, मामला ठंडे जस्ते में पड़ा हुआ है। विभाग को आंखों में घूल झोंककर कई दशकों तक शिक्षक के रूप में तैनात हर शिक्षक ने 25 लाख से लेकर 82 लाख वेतन के रूप में डकारे हैं।
पहचान से जुड़ा हर दस्तावेज फर्जी: बेसिक शिक्षा विभाग ने आरोपी शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज कराने के साथ हो संबंधित आरोपी शिक्षकों से जुड़े दस्तावेज भी थाने में सौंप दिए हैं। मगर, कूटरचित दस्तावेज होने को बजह से आरोपी पकड़ से बाहर हैं। पुलिस भी जब विभाग की ओर से दिए गए पते पर जाकर आगेपी शिक्षक को तलाश करतो है तो या तो नाम और पता फर्जी मिलता है। या मिलते- नाम के शिक्षक दूसरे कार्यरत मिलते हैं। जो आरोपियों को गिरफ्तारी से लेकर रिकबरी तक में
बड़ा व्यवधान है।

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