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यूटा की शिक्षकों से अपील, जरा सी भी तबीयत लगे खराब तो चुनाव ड्यूटी पर न जाएं, सस्पेंशन को बाद में देख लेंगे

 यूटा की शिक्षकों से अपील, जरा सी भी तबीयत लगे खराब तो चुनाव ड्यूटी पर न जाएं, सस्पेंशन को बाद में देख लेंगे

सरकारी प्राइमरी शिक्षकों ने गुहार लगाई है कि सरकार पंचायत चुनाव स्थगित कर दें। कोरोना संक्रमण के कारण बीते हफ्ते में बेसिक शिक्षा परिषद के लगभग सौ से ज्यादा शिक्षक व अधिकारी अपनी जान से हाथ धो चुके हैं।  शिक्षकों में इस कदर गुस्सा है कि यूटा (युनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन) ने एक अपील जारी कर कहा है कि यदि शिक्षक को अपनी तबीयत जरा-सी भी खराब लग रही है तो ड्यूटी पर न जाएं, निलम्बित हो जाएं। निलम्बन को बाद में देखा जाएगा लेकिन जान बचाना जरूरी है। 


यूटा के प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह राठौर ने कहा है कि यदि सरकार को हमारी जान की परवाह नहीं है तो हमें ये खुद देखना होगा कि हमारे लिए क्या जरूरी है। शिक्षकों को पिछले एक साल से कई तरह के काम कर रहे हैं लेकिन अब पंचायत चुनाव में संक्रमण घर तक पहुंच रहा है। पंचायत चुनाव में होने वाले प्रशिक्षणों से संक्रमण वापस लेकर लौटे शिक्षकों को जान गंवानी पड़ी।  विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष तिवारी ने निर्वाचन आयुक्त व मुख्यमंत्री को पत्र भेज कर मांग की है कि बढ़ते कोरोना संक्रमण में पंचायत चुनाव और कहर बरपाएगा। उच्च न्यायालय तक बंद कर दिया गया है जहां केवल सीमित लोग ही जाते हैं। लेकिन पंचायत चुनाव जिसमें ट्रक और ट्रैक्टर में शहरों से भर कर लोग लाए जाते हैं, उन्हें नहीं टाला जा रहा है। इस तरह गांवों तक कोरोना फैल जाएगा। संतोष तिवारी के मुताबिक रविवार को लखनऊ मण्डल में लगभग एक दर्जन शिक्षकों की मौत हो गई। 

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