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समाप्त हो सकता हैं 30 से कम छात्र संख्या वाले परिषदीय स्कूलों का अस्तित्व, ऐसे स्कूलों को बंद करने के फैसले से हड़कंप

 समाप्त हो सकता हैं 30 से कम छात्र संख्या वाले परिषदीय स्कूलों का अस्तित्व, ऐसे स्कूलों को बंद करने के फैसले से हड़कंप

फतेहपुर। जिले में 83 परिषदीय स्कूलों का अस्तित्व समाप्त होगा। इन स्कूलों के शिक्षक नजदीकी स्कूलों में समायोजित किए जाएंगे। बच्चों को नजदीकी परिषदीय या निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाया जाएगा।

जिले में 2130 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। इनमें 266 उच्च प्राथमिक, 1384 प्राथमिक और 480 कंपोजिट विद्यालय शामिल हैं। इनमें 83 स्कूल छात्र संख्या कम होने के कारण बंद हो सकते हैं।


शासन के 0-30 छात्र संख्या वाले परिषदीय स्कूल बंद करने के निर्णय से परिषदीय शिक्षकों में हड़कंप मच गया है। लंबे अरसे से इन स्कूलों में जमे शिक्षकों को अब दूर के स्कूलों में जाकर नौकरी करनी पड़ सकती है। ऐसे में इन स्कूलों में नियुक्त 100 से अधिक शिक्षकों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अभी सिर्फ समाचार पत्रों में यह खबर छपी है। विभाग से ऐसा कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसा आवश्यक नहीं है कि स्कूल बंद करने का फैसला लागू ही हो।

उन्होंने जिले में कुछ स्कूलों की छात्र संख्या न्यून होने की बात स्वीकार की है।

कंपोजिट श्रेणी मिलने से 150 स्कूल बंद होने से बचे

जिले में कंपोजिट स्कूल बनने के पहले सिर्फ प्राथमिक और उच्च प्राथमिक दो श्रेणी के कुल मिलाकर स्कूलों की संख्या 2650 थी। एक ही परिसर में संचालित कई स्कूलों को मिलाकर कंपोजिट स्कूल बना दिया गया है ऐसे में 0-30 छात्र संख्या वाले दो स्कूलों की संख्या मिलाकर बंद होने की सीमा रेखा पार कर ली है। सूत्रों की मानें, तो उस दरम्यान करीब ढाई सौ स्कूल इस बंदी के दायरे में शामिल होते।

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