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तदर्थ शिक्षकों के भर्ती मामले में सुप्रीमकोर्ट के आदेश पर माध्यमिक शिक्षा विभाग ने शासन से मांगा मार्गदर्शन

तदर्थ शिक्षकों के भर्ती मामले में सुप्रीमकोर्ट के आदेश पर माध्यमिक शिक्षा विभाग ने शासन से मांगा मार्गदर्शन

प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत तदर्थ शिक्षकों की नियुक्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर माध्यमिक शिक्षा विभाग ने शासन से मार्गदर्शन मांगा है। अपर निदेशक माध्यमिक डॉ. महेन्द्र देव ने संयुक्त सचिव शिक्षा अनुभाग 5 को 4 सितंबर को पत्र लिखकर फैसले की जानकरी देते हुए आगे की कार्रवाई के लिए आदेश देने का अनुरोध किया है। सर्वोच्च न्यायालय ने जुलाई 2021 से पहले चयन एवं पदस्थापन की कार्रवाई पूरी करने के आदेश दिए हैं।




नई भर्ती में तदर्थ शिक्षक आवेदन कर सकेंगे और उन्हें उनकी सेवा के आधार पर भारांक मिलेगा। इस संबंध में यदि कोई वाद न्यायालय के समक्ष आएगा तो वह मान्य नहीं होगा। तदर्थ शिक्षकों को भारांक प्राप्त करने के लिए अपनी पूर्व की सेवाओं की प्रामाणिकता संबंधित आवश्यक अभिलेख चयन बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। भारांक के अतिरिक्त तदर्थ रूप से की गई प्रामाणिक सेवाओं की गणना शिक्षकों के सेवानिवृत्तिक लाभ के लिए की जाएगी। शासन व चयन बोर्ड को निर्देशित किया गया है कि शिक्षकों के चयन के लिए नियमित परीक्षाएं कराई जाएं। ताकि भविष्य में इस तरह की परिस्थिति का सामना न करना पड़े और विद्यालयों में पठन-पाठन कार्य सुचारु रूप से हो सके।

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