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प्रदेश के 46 जिलों के विद्यालयों में फर्नीचर खरीद नहीं हो सकी, 24 जिलों के बीएसए ने नहीं दिया खरीद का आदेश

 प्रदेश के 46 जिलों के विद्यालयों में फर्नीचर खरीद नहीं हो सकी, 24 जिलों के बीएसए ने नहीं दिया खरीद का आदेश

लखनऊ : बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक विद्यालयों को संवारा जा रहा है। बड़ी संख्या में स्कूलों को लकदक करने के बाद भी आपरेशन कायाकल्प पूरा नहीं हो पा रहा है, क्योंकि विभागीय अफसर बाधा बने हैं। यही वजह है कि अब तक 46 जिलों के विद्यालयों में फर्नीचर खरीद नहीं हो सकी है। इनमें से 22 जिले ऐसे हैं, जहां वित्तीय बिड तक खोली नहीं जा सकी है।


शासन ने परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में जेम पोर्टल के माध्यम से फर्नीचर खरीद का पांच मार्च को आदेश दिया। पहले कोरोना की दूसरी लहर की वजह से खरीद आदि प्रक्रिया बाधित हुई, बाद में जैसे-तैसे गिने-चुने जिलों में ही यह प्रक्रिया आगे बढ़ सकी है। पिछले दिनों महानिदेशक स्कूल शिक्षा अनामिका सिंह व अन्य अफसरों ने कामकाज की समीक्षा की इसमें सामने आया कि वर्ष 2020-21 में विद्यालयों के लिए फर्नीचर खरीदा जाना था। 24 जिलों ने वित्तीय बिड खोलने के बाद भी खरीद का आदेश जारी नहीं किया है। उन्हें निर्देश दिए गए कि एक सप्ताह में आदेश जारी करके राज्य परियोजना कार्यालय को रिपोर्ट भेजी जाए। इसी तरह से 22 जिलों आगरा, अमरोहा, बहराइच, बुलंदशहर, चंदौली, चित्रकूट, एटा, फतेहपुर, गाजीपुर, गोरखपुर, जौनपुर, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, ललितपुर, लखनऊ, मैनपुरी, मथुरा, मीरजापुर, मुरादाबाद, रामपुर व सीतापुर में अब तक वित्तीय बिड नहीं खोली जा सकी है।

मार्च को शासनादेश, 22 जिलों में अब तक वित्तीय बिड ही खोली नहीं गई, मांगा गया स्पष्टीकरण, आपरेशन कायाकल्प पूरा नहीं हो पा रहा है

31 जिलों में शत-प्रतिशत निर्माण पूरा

निर्माण कार्यों की समीक्षा में प्रदेश के 31 जिलों में ही शतप्रतिशत निर्माण पूरा हो सका है। सिद्धार्थनगर, मथुरा, शाहजहांपुर, बांदा, अयोध्या, हापुड़, लखनऊ, गाजीपुर, आगरा, महोबा, कानपुर नगर की प्रगति बेहद खराब है। निर्देश है कि अगले 15 दिन में अवशेष निर्माण कार्यों को पूरा कराएं।

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