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जनपद के अंदर स्थानांतरण/समायोजन की नीति बनाने के दिए गए यह सुझाव

 जनपद के अंदर स्थानांतरण/समायोजन की नीति बनाने के दिए गए यह सुझाव

जनपद के अंदर स्थानांतरण/समायोजन की नीति बनाने के लिए श्रीमान निदेशक ,बेसिक शिक्षा/सचिव,,बेसिक शिक्षा द्वारा राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधि मंडल से सुझाव लेने के लिए ऑनलाइन मीटिंग आज सम्पन्न हुई।*
सन्गठन के *प्रदेश अध्यक्ष अजीत सिंह जी*
ने समायोजन के सम्बंध में सुझाव दिया कि
1- *"लास्ट इन फर्स्ट आउट "*
का नियम लागू किया जाए जिससे प्रदेश के सभी जनपदों में एकरूपता बनी रहे।
2-उच्च प्राथमिक में प्रत्येक विद्यालय में विज्ञान/गणित के शिक्षक अवश्य रहें उन्हें सरप्लस मानकर न हटाया जाए।
3-संविलियन विद्यालय में प्राथमिक के प्रधानाध्यापक से विकल्प लेकर अन्य विद्यालयों में हेड के पद पर पदस्थापित किया जाए।
4-छात्र संख्या 1 मार्च 2021 की ली जाए क्योकि कोविड के प्रभाव की वजह से अभी प्रवेश प्रक्रिया गति नही पकड़ पाई है।


जनपद के अंदर
*स्थानान्तरण/पारस्परिक स्थानांतरण*
के सम्बंध में
*महामंत्री भगवती सिंह जी तथा सन्गठन मंत्री शिव शंकर जी*
ने सुझाव दिया..
1-जनपद के अंदर के ट्रांसफर के लिए सेवा काल की बाध्यता न रखी जाए ।
2-बन्द/एकल की व्यवस्था में एकल हटा दिया जाए।
3-ट्रांसफर लेने हेतु कारण
में
परिवारी जनों ( माता, पिता, पत्नी , बच्चे आदि ) की बीमारी/देखभाल
को भी विकल्प में रखा जाए।
--पति-पत्नी को यथासंभव एक ही स्कूल/ब्लॉक में तैनात किया जाए।
--अंतर्जनपदीय ट्रांसफर की तरह ब्लॉक ट्रांसफर में भी वेटज की व्यवस्था की जाए।
*निदेशक महोदय ने सन्गठन के द्वारा दिए गए सुझावों से सहमति जताई तथा बताया कि नीति अतिशीघ्र फाइनल करके शासनादेश जारी कर दिया जाएगा।*
*वीरेंद्र मिश्र*
*प्रदेश प्रवक्ता*
*राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश*

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