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अध्यापिका का प्रमाणपत्र संदिग्ध, सेवा समाप्ति का नोटिस

 अध्यापिका का प्रमाणपत्र संदिग्ध, सेवा समाप्ति का नोटिस

वाराणसी : सूबे के परिषदीय विद्यालयों में 76 अध्यापकों के प्रमाणपत्र संदिग्ध है। इसमें एक प्राथमिक विद्यालय (कपसेठी-सेवापुरी ब्लाक) की भी सहायक अध्यापिका भी शामिल है। एसटीएफ की रिपोर्ट के आधार पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सहायक अध्यापिका अर्चना पांडेय का वेतन दिसंबर से ही रोक दिया है।


प्रमाणपत्रों के सत्यापन के लिए शुक्रवार को उन्हें दोबारा नोटिस दिया है। नोटिस में 31 मार्च तक शैक्षिक मूल अभिलेखों के साथ उन्हें बीएसए कार्यालय बुलाया गया है, अन्यथा सेवा समाप्ति की चेतावनी दी गई है।

एसआइटी की रिपोर्ट के मुताबिक अर्चना पांडेय दूसरे के अभिलेख पर कूटरचित तरीके से अध्यापक पद पर नौकरी कर रहीं हैं।

एसआइटी की रिपोर्ट आने के बाद अर्चना दिसंबर से ही अवकाश पर हैं। बीएसए राकेश सिंह के बताया कि इससे पहले भी उन्हें शैक्षिक मूल अभिलेख के साथ, पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, वोटर आइडी व अन्य अभिलेख के साथ कार्यालय बुलाया गया था। इसके बावजूद उन्होंने अभिलेखों का अब तक सत्यापन नहीं कराया। इसे देखते हुए दोबारा स्पष्टीकरण मांगा गया है। निर्धारित अवधि में जवाब न देने पर उन्हें दोषी मानते हुए उनकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी। यही नहीं वेतन की वसूली के लिए एफआइआर भी दर्ज कराया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी स्वयं सहायक अध्यापिका की होगी।

’ शैक्षिक मूल अभिलेखों का सत्यापन 31 मार्च तक कराने का निर्देश

’ स्पष्टीकरण न देने पर एफआइआर दर्ज कर कार्रवाई की चेतावनी

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