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परिषदीय शिक्षकों को भी पास होने के लिए जुटाने होंगे नंबर, रिपोर्ट के आधार पर होगी तरक्की

 परिषदीय शिक्षकों को भी पास होने के लिए जुटाने होंगे नंबर, रिपोर्ट के आधार पर होगी तरक्की

यूपी: पहली बार ऑनलाइन भरी जाएगी प्राइमरी शिक्षकों की गोपनीय आख्‍या, 15 अप्रैल तक स्‍वमूल्‍यांकन का समय 
 



सरकारी प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों की वार्षिक गोपनीय आख्या इस वर्ष ऑनलाइन लिखी जाएगी। मानव संपदा पोर्टल पर 15 अप्रैल तक प्रधानाध्यापक-अध्यापक स्वमूल्यांकन करेंगे। खण्ड शिक्षा अधिकारी इसका मूल्यांकन 15 मई तक करके दाखिल करेंगे। बेसिक शिक्षा अधिकारी इन वार्षिक आख्या को 31 मई तक अंतिम रूप से सबमिट करेंगे।

पहली बार बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की वार्षिक आख्या (सीआर) कॉर्पोरेट की तर्ज पर लिखी जाएगी। पहले शिक्षक खुद अपना मूल्यांकन करेंगे और इसके बार दो स्तर पर उनके उच्चाधिकारी उस पर अंक देंगे। इसके लिए मानक पिछले वर्ष ही तय कर दिए गए थे।


इस वर्ष विद्यार्थियों की उपिस्थित, खुद प्रधानाध्यापक या अध्यापक की औसत उपस्थिति वाले बिन्दु लागू नहीं होंगे क्योंकि इस वर्ष कोरोना संक्रमण के कारण स्कूल नहीं खोले गए थे और स्कूलों में टैबलेट अभी तक नहीं पहुंचे हैं इसलिए अध्यापकों की उपस्थिति का बिन्दु भी लागू नहीं होगा। मानकों में स्कूलों में ऑपरेशन कायाकल्प, दीक्षा पोर्टल का उपयोग, लर्निंग आउटकम की अंतिम परीक्षा में अध्यापक द्वारा पढ़ाए गए विषय का ग्रेड, एसएमसी की बैठक, छात्रों द्वारा पुस्तकालय का प्रयोग जैसे मानकों पर शिक्षकों को कसा जाएगा। इसके लिए समग्र शिक्षा अभियान के महानिदेशक विजय किरन आनंद ने अंक भी जारी कर दिए हैं।

प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों को भी अब पास होने के लिए नंबर जुटाने होंगे। इन्हीं नंबरों के आधार पर उनका मूल्यांकन होगा। आगे चलकर इसी से उन्हें इंक्रीमेंट और तरक्की भी मिलेगी। इसके लिए शिक्षकों को दिए जाने वाले नंबर के पैरामीटर तय कर दिए गए हैं। इस सम्बम्ध में महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनन्द ने आठ जनवरी को आदेश भी जारी कर दिया है। 

समय पर विद्यालय न आने, बच्चों को पढ़ाने में रुचि न लेने तथा डिजिटल प्लेटफार्म पर न आने वाले प्राइमरी व अपर प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों को आने वाले दिनों में बड़ी दिक्कतें होने वाली है। उन्हें न सिर्फ नियमित स्कूल आना जाना पड़ेगा बल्कि बच्चों को पढ़ाना भी पड़ेगा। शिक्षकों के वार्षिक मूल्यांकन के लिए नए पैरामीटर निर्धारित किए गए हैं। जिन्हें आगामी शैक्षिक सत्र से लागू करने की तैयारी है।

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