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बीएड प्रवेश के लिए पूल काउंसलिंग शुरू, आठ नए कॉलेज जुड़ने से 700 सीटें बढ़ीं

 बीएड प्रवेश के लिए पूल काउंसलिंग शुरू, आठ नए कॉलेज जुड़ने से 700 सीटें बढ़ीं

प्रदेश भर में बीएड प्रवेश के लिए मुख्य काउंसिलिंग के बाद बृहस्पतिवार से पूल काउंसिलिंग की प्रक्रिया शुरू हुई। पूल काउंसिलिंग में 8 नए कॉलेज जुड़ने के बाद सीटों की संख्या और बढ़ गई है। जबकि पहले दिन शाम 4 बजे तक 3218 अभ्यर्थियों ने पूल काउंसिलिंग के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराया।

लविवि की ओर से अगस्त में आयोजित संयुक्त बीएड प्रवेश-परीक्षा 2020-22 की पूल काउंसिलिंग के लिए ऑनलाइन पंजीकरण बृहस्पतिवार से शुरू हुआ। पूल काउंसिलिंग में केवल वही अभ्यर्थी प्रतिभाग कर सकते हैं, जिन्होंने मुख्य काउंसिलिंग में भाग नहीं लिया है या मुख्य काउंसिलिंग में भाग लिया था, मगर उन्हें कोई सीट आवंटित नहीं हो सकी या वे अभ्यर्थी जिन्हें मुख्य काउंसिलिंग के किसी भी चरण में सीट आवंटित हुई, लेकिन वे बकाया शुल्क का भुगतान नहीं कर सके।
राज्य समन्वयक प्रो. अमिता बाजपेयी ने बताया कि पूल काउंसिलिंग में आठ नये बीएड महाविद्यालय जोडे़ गए हैं, जिससे 700 सीटें बढ़ गई हैं। विभिन्न बीएड महाविद्यालयों में अब कुल 155346 सीटें आवंटन के लिए उपलब्ध हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों को सुझाव दिया है कि वे पूल काउंसिलिंग में च्वॉइस-फिलिंग प्रक्रिया में महाविद्यालय चयन के पहले वेबसाइट पर दिए गए काउंसिलिंग दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ लें। महाविद्यालयों की सूची से अपनी पसंद के महाविद्यालयों के कोड नोट कर लें तथा उन्हें अपनी रुचि के क्रम में अधिक संख्या में भरें, जिससे वे अपनी पसंद के बीएड महाविद्यालय में प्रवेश प्राप्त कर सके।
साथ ही यह भी सुझाव है कि वे चयनित बीएड महाविद्यालयों के विकल्पों को अंतिम रूप से लॉक करने के पहले एक बार विचार कर लें। ताकि उन्हें बाद में किसी समस्या का सामना न करना पडे़। उन्होंने बताया कि पूल काउंसिलिंग में अभ्यर्थियों को पंजीकरण के समय ही 52 हजार रुपये (पंजीकरण शुल्क 750 व महाविद्यालय शुल्क 51250) जमा करना होगा। यदि उन्हें कोई महाविद्यालय आवंटित होता है तो यह शुल्क उन्हें वापस नहीं किया जाएगा।

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