नई शिक्षा नीति, 2020: डिग्री कॉलेज खुद तय करेंगे पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न

नई शिक्षा नीति, 2020: डिग्री कॉलेज खुद तय करेंगे पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न

अब डिग्री कॉलेज खुद अपना पाठ्यक्रम व परीक्षा पैटर्न तय कर सकेंगे। ज्यादा से ज्यादा डिग्री कॉलेजों को स्वायत्ता देने पर जोर दिया जाएगा। नई शिक्षा नीति, 2020 के तहत इसके लिए 15 वर्ष पुराने कॉलेज पात्र होंगे। प्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग के कुल 7,183 कॉलेजों में यह शर्त पूरी करने वाले कॉलेजों की खासी संख्या है। वहीं विश्वविद्यालयों से अधिकतम 300 कॉलेज ही संबद्ध रह सकेंगे। एक कॉलेज में तीन हजार से ज्यादा विद्यार्थी नहीं पढ़ सकेंगे।

कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विवि और आगरा के डॉ.भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय सहित अन्य विश्वविद्यालयों से इससे काफी ज्यादा कॉलेज संबद्ध हैं। जहां पूरे देश में 747 कॉलेज स्वायत्त हैं, वहीं प्रदेश में सिर्फ नौ कॉलेज ही अभी तक स्वायत्ता हासिल कर सके हैं। उप मुख्यमंत्री डॉ.दिनेश शर्मा ने बताया कि शिक्षा प्रणाली की सूरत बदलने के लिए नई शिक्षा नीति के जरिये कई अच्छे कदम उठाए गए हैं। यूपी भी इन बेहतर बदलावों को लागू करने में पूरी तत्परता दिखाएगा। स्वायत्ता मिलने से कॉलेज और अच्छा परफार्मेस देंगे, जबकि उच्च शिक्षा में भी कई गुणात्मक बदलाव किए जाएंगे। प्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग के इ¨वग क्रिश्चियन कॉलेज इलाहाबाद, नेशनल पीजी कॉलेज लखनऊ, यूपी कॉलेज वाराणसी, अमर शहीद कंचन सिंह पीजी कॉलेज फतेहपुर, अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज वाराणसी के अलावा प्राविधिक शिक्षा विभाग के चार कॉलेज सहित कुल नौ कॉलेज ही स्वायत्त हैं।

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