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शिक्षक भर्ती परीक्षा में पास अभ्यर्थी को कर दिया गया फेल , ओएमआर में हेरफेर होने पर हाथ से गई नौकरी

प्रयागराज। शिक्षक भर्ती परीक्षा में पास अभ्यर्थी को फेल कर दिया गया। मामला हाईकोर्ट पहुंचा तो हकीकत सामने आई। हालांकि इसके बावजूद उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड अपनी गलती मानने को तैयार नहीं है। बोर्ड हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील करने की भी तैयारी कर रहा है।


सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) 2021 की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा पिछले साल आठ अगस्त को कराई गई थी। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र रत्नेश पति त्रिपाठी ने टीजीटी 2021 शारीरिक शिक्षा विषय की परीक्षा दी थी। उत्तरकुंजी से अपने उत्तरों के मिलान के बाद वह नियुक्ति को लेकर आश्वस्त थे लेकिन चयन बोर्ड ने उनका परिणाम घोषित नहीं किया। बाद में उन्होंने पूछताछ की तो पता चला कि ओएमआर में गलत गोला भरने के कारण उनकी कॉपी जांची नहीं गई। इस पर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। सुनवाई के दौरान यह साफ हो गया कि ओएमआर की तीन प्रतियों में से केवल मूल प्रति में गलत तरीके से अतिरिक्त गोले भरे गए हैं। अभ्यर्थी रत्नेश और चयन बोर्ड में सुरक्षित रखी जाने वाली ओएमआर की प्रतियों में सभी गोले सही भरे थे। कोर्ट ने चयन बोर्ड को रत्नेश का परिणाम घोषित करने के आदेश दिया।


सेवा चयन बोर्ड ने गठित की जांच कमेटी

कोर्ट के आदेश पर रत्नेश ने 28 अक्तूबर 2021 को अपना प्रत्यावेदन दिया। लेकिन चयन बोर्ड ने प्रत्यावेदन निरस्त करते हुए परिणाम घोषित करने से इनकार कर दिया। रत्नेश ने फिर कोर्ट से गुहार लगाई। कोर्ट ने दो सितंबर 2022 को फिर चयन बोर्ड को रत्नेश की कॉपी जांचते हुए परिणाम घोषित करने और सफल होने पर नियुक्ति देने के निर्देश दिया। वर्तमान में चयन बोर्ड की ओर से कमेटी गठित कर रत्नेश से संबंधित सभी दस्तावेजों की जांच कराई जा रही है।

बदल चुकी है पीसीएस मेंस परीक्षा की कॉपी

प्रयागराज। इससे पहले यूपी लोक सेवा आयोग की परीक्षा पीसीएस 2015 में कॉपी बदलने का मामला आ चुका है। सुहासिनी वाजपेयी नाम की परीक्षार्थी ने नंबरों में हेरफेर की शिकायत की थी। आयोग ने अपनी गलती सुधारते हुए सुहासिनी को इंटरव्यू के लिए तो बुलाया लेकिन अंतिम परिणाम में उन्हें सफलता नहीं मिल सकी थी।

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