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परिषदीय विद्यालयों में अब शिक्षण अवधि में नहीं होंगी रैलियां


लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में अब शैक्षणिक कार्य की अवधि में रैली, प्रभात फेरी, मानव श्रृंखला और नवाचार गोष्ठी का आयोजन नहीं होगा। इस दौरान शिक्षकों से किसी भी विभाग का हाउस होल्ड सर्वे भी नहीं कराया जाएगा। विद्यालयों में शिक्षकों के गैरहाजिर मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और वेतन भी कटेगा। बुधवार को स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद ने परिषदीय विद्यालयों के संचालन के लिए ये दिशानिर्देश जारी किए हैं।


परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक सत्र में कम से कम 240 दिन शैक्षणिक कार्य कराया जाएगा। शिक्षकों को शिक्षण अवधि से 15 मिनट पहले विद्यालय पहुंचना होगा और छुट्टी के बाद 30 मिनट रुककर पंजिका संधारण व आगामी दिन की कक्षा शिक्षण की योजना बनानी होगी। शिक्षण अवधि में कोई भी शिक्षक विद्यालय से बाहर नहीं रहेंगे।

शिक्षकों को राज्य परियोजना कार्यालय और एससीईआरटी के प्रशिक्षणों में शामिल होना होगा। जिला या विकासखंड स्तर पर बीएसए या खंड शिक्षा अधिकारी किसी भी प्रकार का प्रशिक्षण आयोजित नहीं करेंगे। अनाधिकृत प्रशिक्षण आयोजित करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। निशुल्क पाठ्यपुस्तक सहित अन्य सामग्री का वितरण शिक्षण अवधि के बाद ही किया जाएगा। परिषदीय शिक्षकों को जिला प्रशासन, बीएसए दफ्तर और खंड शिक्षा अधिकारी दफ्तर में संबद्ध नहीं किया जाएगा।

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