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हेड टीचर ने महिला शिक्षामित्र को जूतों से पीटा, संविलियन विद्यालय बना अखाड़ा, जानिए आखिर क्यों हुआ ऐसा और क्या था मामला , पढें विस्तार से

लखीमपुर, । हाजिरी के विवाद में लखीमपुर ब्लॉक का संविलियन स्कूल महंगूखेड़ा अखाड़ा बन गया। महिला शिक्षामित्र और हेडटीचर के बीच मारपीट हो गई। आरोप है कि हेड टीचर ने महिला शिक्षामित्र को बच्चों व टीचरों के सामने जूतों से पिटाई कर दी। इस मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसमें हेड टीचर महिला शिक्षामित्र को जूतों से पीटते दिख रहा है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पाण्डेय ने तत्काल प्रभाव से हेडटीचर को निलंबित करते हुए पसगवां ब्लॉक के स्कूल में हाजिरी देने का आदेश जारी कर दिया।


सदर ब्लाक के संविलियन स्कूल महंगूखेड़ा की शिक्षामित्र सीमा ने बताया कि एक दिन पहले वह स्कूल में देर से आई थी। इस पर हेड टीचर अजीत कुमार वर्मा ने उसके नाम के आगे क्रास लगा दिया। शुक्रवार को भी उन्होंने उसे हाजिरी के लिए रजिस्टर नहीं दिया। इसी को लेकर विवाद बताया जाता है। शिक्षामित्र व हेडटीचर के बीच विवाद इतना बढ़ा कि मारपीट शुरू हो गई। इसका किसी ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। इस वीडियो में हेडटीचर अजीत कुमार शिक्षामित्र को जूतों से मारते दिख रहे हैं। बच्चे व स्कूल के अन्य शिक्षक वहीं खड़े हैं। शिक्षामित्र सीमादेवी ने शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। बीएसए ने शिक्षक के इस कृत्य को शिक्षक आचारण नियमावली के विरुद्ध, अनुशासनहीनता को लेकर शिक्षक अजीत को निलंबित कर दिया। शिक्षक को पसगवा ब्लॉक के स्कूल से सम्बद्ध किया गया है।


जांच के लिए बीएसए ने गठित की टीम
बीएसए डॉ.लक्ष्मीकांत पाण्डेय ने बताया कि स्कूल में शिक्षामित्र के साथ मारपीट, जूतों से पीटना शिक्षक आचरण नियमावली के विरुद्ध है। विभाग की छवि धूमिल की गई है। इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए बीईओ लखीमपुर सुभाष चन्द वर्मा, बीईओ बेहजम देवेश राय, जिला समन्वयक बालिका शिक्षा रेनू श्रीवास्तव की टीम गठित कर विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी गई है।

70 किमी दूर रोज उपस्थिति देंगे हेडटीचर
बीएसए डॉ.लक्ष्मीकांत पाण्डेय ने शिक्षामित्र से मारपीट करने वाले शिक्षक अजीत कुमार को पसगवां ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय पसगवां में उपस्थिति देने का आदेश जारी किया है। बीएसए ने बीईओ पसगवां से शिक्षक की रोज उपस्थिति देने को कहा है। बताया जाता है कि शिक्षक लखीमपुर से करीब 70 किलोमीटर दूर है जहां वह नियमित उपस्थिति देंगे।

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