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इंग्लिश मीडियम के स्कूल में बच्चों को पढ़ा रहे हिंदी माध्यम के गुरुजी

 इंग्लिश मीडियम के स्कूल में बच्चों को पढ़ा रहे हिंदी माध्यम के गुरुजी

सात में से तीन विद्यालयों में इंग्लिश मीडियम के शिक्षकों की दो साल बाद भी नहीं हो सकी तैनाती 
बारा बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों में गजब का खेल चल रहा है। यहाँ के इंग्लिश मीडियम स्कूलों में हिंदी माध्यम के शिक्षकों की तैनाती है। ऐसे में नौनिहालों को अंग्रेजी की शिक्षा नहीं मिल पा रही है। अभिभावकों की शिकायत के बावजूद हिंदी के शिक्षकों को हटाया नहीं जा रहा है। इन स्कूलों में इंग्लिश मीडियम की पढ़ाई कम होगी? इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है।


शासन के निर्देश पर शैक्षणिक सत्र 2019-20 में कौशांबी विकासखंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय म्योहर पहरिया शुक्रवारा, गौहानी जूनियर चौपुरवा, महिला जूनियर बैगवां फतेहपुर, और छोटका गढ़वा समेत सात विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम के लिए चयनित किया गया था बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव ने साफ निर्देश दिया था कि अंग्रेजी माध्यम के चयनित स्कूलों में उन्हीं शिक्षकों की तैनाती की जाएगी जो इंग्लिश मीडियम से पढ़े हों। इसके बाद भी इनमें से छोटका गढ़वा, बैगवां फतेहपुर, चौपुर तथा महिला जूनियर में अभी तक हिंदी के शिक्षक ही शिक्षा देने का काम कर रहे है दूसरे चयनित स्कूलों का भी हाल ठीक नहीं है। कहीं एक तो कहीं दो अध्यापक से काम चलाया जा रहा है। अधिकारी जल्द व्यवस्था दुरुस्त करने का बयान देकर पल्ला झाड़ लेते है।
गरीबों के सपने नहीं हो रहे साकार स्कूलों का चयन इंग्लिश मंडियम के लिए हुआ तो अभिभावकों की उम्मीदें बढ़ गई थी।
गरीबी रेखा से नीचे जीने वालों को भी लगा था कि अब उनके बच्चे भी इंग्लिश मीडियम में की पढ़ाई कर अंग्रेजी बोल सकेंगे। लेकिन  शिक्षकों की तैनाती के अभाव में गरीबों के  सपने नहीं पूरे होते दिख रहे हैं।

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