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चुनावों से पहले कर्मचारियों को न्यूनतम बेसिक वेतन 18000 से 26000 तक कर सकती है केन्द्र सरकार

 चुनावों से पहले कर्मचारियों को न्यूनतम बेसिक वेतन 18000 से 26000 तक कर सकती है केन्द्र सरकार

क्या चुनावों से पहले मोदी सरकार कर्मचारियों को तोहफा देगी। ये खबरें बहुत समय से है कि सरकार कर्मचारियों का बेसिक वेतन बढ़ा सकती है। अगर मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मोदी सरकार फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श कर रही है।फिटमेंट फैक्टर केन्द्र सरकार के सभी कर्मचारियों के लिए बेसिक वेतन तय करता है। अगर मोदी सरकार फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाती है तो कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन यानी बेसिक सैलरी बढ़कर 26,000 हो सकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कर्मचारी संगठन इस मामले में सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। जिसके बाद संभावना है कि न्यूनतम सैलरी में बड़ा इजाफा किया जा सकता है। 






26 हजार रुपये हो जाएगी बेसिक पे
केंद्र सरकार फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाती है तो केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन अपने आप बढ़ जाएगा। फिटमेंट फैक्टर केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों के लिए बेसिक वेतन तय करता है। फिटमेंट फैक्टर को आखिरी बार 2016 में बढ़ाया गया था, जिसमें कर्मचारियों का न्यूनतम बेसिक वेतन 6,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये किया गया था। फिटमेंट फैक्टर में संभावित बढ़ोतरी से न्यूनतम बेसिक वेतन 26,000 रुपये हो सकता है। अभी न्यूनतम बेसिक पे 18,000 रुपये है, जो बढ़कर 26,000 रुपये हो जायेगा।



बढ़ जाएंगे भत्ते
अगर बेसिक पे 18,000 रुपये से बढ़कर 26,000 रुपये हो जाता है तो मंहगाई भत्ता भी बढ़ जाएगा। महंगाई भत्ता (Dearness Allowance - DA) बेसिक वेतन के 31 फीसदी के बराबर है। DA का कैलकुलेशन डीए की दर को बेसिक पे से गुणा करके निकाला जाता है। यानी बेसिक वेतन बढ़ने से अपने आप महंगाई भत्ता भी बढ़ जाएगा।



सरकार बढ़ा सकती है डीए
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार केन्द्र सरकार DA डीए 3 प्रतिशत बढ़ाने का ऐलान कर सकती है। 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी से सरकारी कर्मचारियों के वेतन में 20,000 रुपये तक की बढ़ोत्तरी हो सकती है। सातवें केंद्रीय वेतन आयोग के तहत सरकारी कर्मचारियों के DA का कैलकुलेशन बेसिक वेतन के आधार पर की जाती है। अक्टूबर में 3 प्रतिशत और जुलाई में 11 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के बाद मौजूदा डीए की दर 31 प्रतिशत है।

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