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प्राथमिक स्कूलों में 23 हजार अध्यापकों की होगी भर्ती, आरक्षित वर्ग के छह हजार अभ्यर्थियों की नियुक्ति अगले माह, मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप पर निकला रास्ता

 प्राथमिक स्कूलों में 23 हजार अध्यापकों की होगी भर्ती, आरक्षित वर्ग के छह हजार अभ्यर्थियों की नियुक्ति अगले माह, मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप पर निकला रास्ता

लखनऊ : बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक विद्यालयों में 23000 सहायक अध्यापकों की भर्ती होने जा रही है। बेसिक शिक्षा विभाग 17000 पदों के लिए नया विज्ञापन जारी करेगा, जिसमें सभी अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे। बेसिक शिक्षा मंत्री डा. सतीश द्विवेदी ने स्वीकारा कि 69000 शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी हुई थी, लगभग 6000 पदों पर आरक्षित वर्ग के उन अभ्यर्थियों को अगले माह नियुक्ति मिलेगी, जो आरक्षण में विसंगति होने पर भर्ती की चयन सूची से बाहर हो गए थे।


परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत एक लाख 37 हजार शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक पद पर समायोजन सुप्रीम कोर्ट ने रद कर दिया था, शीर्ष कोर्ट ने 25 जुलाई 2017 को आदेश दिया था कि सरकार इन पदों पर नियमित शिक्षकों की नियुक्ति करे। सरकार ने 68500 और 69000 दो सहायक अध्यापक भर्ती की लिखित परीक्षा कराकर चयनितों को नियुक्ति दी, लेकिन शिक्षामित्रों के सारे पद नहीं भरे जा सके। मंत्री डा. द्विवेदी ने बताया कि दोनों भर्तियों के बाद रिक्त 17000 पदों पर तीसरी नई शिक्षक भर्ती कराने का निर्णय लिया गया है, उसमें सभी अभ्यर्थी दावेदार बन सकेंगे। भर्ती का नया विज्ञापन जल्द निकाला जाएगा।

डा. द्विवेदी ने बताया कि 69000 सहायक अध्यापक भर्ती के चयन में गड़बड़ी हुई थी, जिससे आरक्षित वर्ग के करीब 6000 अभ्यर्थी चयन सूची से बाहर हो गए थे। विसंगति को दूर करने का आदेश जारी कर दिया है, संबंधित प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हो गई है। अगले माह छह जनवरी को इन अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। 30 दिसंबर को एनआइसी नए चयनित आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों की सूची जारी करेगा, तब वास्तविक संख्या स्पष्ट होगी। ज्ञात हो कि शीर्ष कोर्ट आदेश दे चुका है कि शिक्षामित्रों को भर्ती में शामिल करने का एक अवसर और दिया जाए। ऐसे में तीसरी शिक्षक भर्ती में भी शिक्षामित्रों को भारांक व आयु सीमा में छूट मिलना तय है।ये भी संयोग है कि शिक्षामित्रों का समायोजन रद होने पर सरकार ने दो भर्तियां कराई। पहली भर्ती में कापी बदलने व मूल्यांकन में गड़बड़ियां हुई थी। दूसरी भर्ती में आरक्षण देने में बड़ी विसंगति सामने आई है, जिसमें छह हजार चयनित होंगे।

’>>17 हजार पदों के लिए जारी होगा नया विज्ञापन

’>>69 हजार भर्ती में गड़बड़ी के शिकार हुए अभ्यर्थियों को मिला न्याय

’>>पुरानी भर्ती के ही पदों पर होगी आरक्षितों की नियुक्ति

विसंगति दूर करने की समय सारिणी

आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों की चयन सूची तैयार - 28 दिसंबर

एनआइसी की ओर से दी गई सूची का परीक्षण - 29 दिसंबर

चयनितों की सूची का प्रकाशन वेबसाइट पर - 30 दिसंबर

जिलास्तर पर अभिलेखों का परीक्षण - तीन से पांच जनवरी

नियुक्तिपत्र वितरण - छह जनवरी

मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप पर निकला रास्ता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार शाम को ही आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को आश्वस्त कर दिया था कि उनकी समस्या सुलझने जा रही है। 69000 शिक्षक भर्ती की चयन सूची आने के बाद आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग में शिकायत की थी। आयोग ने भी उस पर मुहर लगाई। उसके बाद से अभ्यर्थी लगातार छह माह से आंदोलन कर रहे थे। भाजपा सहित अन्य पार्टी कार्यालयों, एससीईआरटी मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को अभ्यर्थियों को तार्किक समाधान का भरोसा दिया था।

69000 शिक्षक भर्ती की चयन सूची में हुई थी गड़बड़ी

69000 सहायक अध्यापक भर्ती की चयन सूची बनाने में क्षैतिज आरक्षण देने में गड़बड़ी हुई जिससे कटआफ अंक से अधिक अंक पाने वाली आरक्षित वर्ग की महिला अभ्यर्थियों को सामान्य वर्ग की सीटों पर चयन न करके उन्हें संबंधित वर्ग में ही नियुक्ति दी गई। यदि इन अभ्यर्थियों को सामान्य वर्ग की सीटों पर चयनित कराया जाता तो आरक्षित वर्ग के और अभ्यर्थी चयन सूची में शामिल हो जाते। अब उन्हीं को अवसर दिया जा रहा है।

चयनित हो चुके नहीं होंगे बाहर

बेसिक शिक्षा मंत्री ने बताया कि 69000 सहायक अध्यापक भर्ती की विसंगति दूर करने में चयनित हो चुके किसी अभ्यर्थी को बाहर नहीं किया जाएगा, बल्कि शिक्षामित्रों के रिक्त पदों के सापेक्ष नए अभ्यर्थियों को चयनित किया जाएगा। 68500 शिक्षक भर्ती में चयन के बाद 23000 सीटें खाली थीं, उनमें से छह हजार पद आरक्षित वर्ग को और 17000 पदों पर चयन के लिए नया विज्ञापन निकाला जाना है। चयन सूची बनाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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