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डीएलएड में अनुत्तीर्ण प्रशिक्षुओं को अब देनी होगी परीक्षा

 डीएलएड में अनुत्तीर्ण प्रशिक्षुओं को अब देनी होगी परीक्षा

प्रयागराज : प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक बनने का दो वर्षीय प्रशिक्षण पाठ्यक्रम डीएलएड में उन प्रशिक्षुओं को राहत नहीं मिली है, जो किसी भी सेमेस्टर परीक्षा में अनुत्तीर्ण हैं। ऐसे प्रशिक्षुओं को माह के अंत में शुरू हो रही परीक्षा देना होगा। यह जरूर है कि परीक्षा संस्था 2018 बैच के चतुर्थ सेमेस्टर का इम्तिहान जनवरी 2021 के अंतिम सप्ताह में करा लेगा।


बेसिक शिक्षा विभाग कोरोना संक्रमण के कारण लाकडाउन होने से डीएलएड प्रशिक्षुओं को कक्षोन्नति का लाभ दिया है। 2019 बैच के सभी प्रशिक्षुओं को पहले सेमेस्टर में कक्षोन्नति देकर दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा कराई जा रही है, इसमें मिलने वाले अंक पहले सेमेस्टर के माने जाएंगे। वहीं, 2018 तृतीय सेमेस्टर में भी कक्षोन्नति दी गई है लेकिन, यह लाभ केवल उन्हीं को मिला है जो प्रशिक्षु पहले व दूसरे सेमेस्टर में सभी विषयों में उत्तीर्ण हैं, बाकी को तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा देनी है। इसके अलावा 2017 बैच के वे प्रशिक्षु भी कक्षोन्नति पाने की आस लगाए थे जो पहले, दूसरे या फिर तीसरे सेमेस्टर में अनुत्तीर्ण थे।

शासन के निर्देश पर परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने अनुत्तीर्ण को कक्षोन्नति न देने का आदेश जारी किया। इसके विरोध में लखनऊ में आंदोलन चला व शुक्रवार रात बेसिक शिक्षा निदेशालय का घेराव करने पर लाठीचार्ज करना पड़ा। एससीईआरटी निदेशक डा. सर्वेद्र विक्रम बहादुर सिंह ने शनिवार को इस संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। उसमें कहा गया है कि डीएलएड 2017 बैक पेपर की परीक्षा 30 अक्टूबर से, 2018 तृतीय सेमेस्टर की दो नवंबर से, 2019 द्वितीय सेमेस्टर की पांच से और डीएलएड 2018 चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षाएं नौ नवंबर से कराई जाएंगी। इन दिनों आनलाइन आवेदन लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि डीएलएड 2018 बैच में 79375 प्रशिक्षुओं को कक्षोन्नति दी गई है, जबकि 62542 प्रशिक्षुओं को तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा देनी होगी।

निदेशक की ओर से कहा गया है कि इसी तरह से 2017 प्रथम, दूसरे व तीसरे सेमेस्टर में 21220 प्रशिक्षु अनुत्तीर्ण हैं। उन्हें भी परीक्षा शामिल होना होगा। यह भी कहा गया है कि यदि बीटीसी 2013, 2014 व 2015 में भी बड़ी संख्या में प्रशिक्षु अनुत्तीर्ण है फिर वे भी कक्षोन्नति की मांग करेंगे। इसलिए अनुत्तीर्ण अभ्यर्थी तय समय हो रही परीक्षाओं में शामिल हों।

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