69000 शिक्षक भर्ती से बीटीसी 2015 बैक पेपर के अभ्यर्थी होंगे बाहर, आवेदन के समय अभ्यर्थियों ने भरा था घोषणा पत्र

69000 शिक्षक भर्ती से बीटीसी 2015 बैक पेपर के अभ्यर्थी होंगे बाहर, आवेदन के समय अभ्यर्थियों ने भरा था घोषणा पत्र

परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में आवेदन करने वाले बीटीसी 2015 बैक पेपर के अभ्यर्थी बाहर होंगे। भर्ती शुरू होने के समय तकरीबन 13,765 प्रशिक्षुओं का बैक लगा था।
परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में आवेदन करने वाले बीटीसी 2015 बैक पेपर के अभ्यर्थी बाहर होंगे। 69 हजार शिक्षक भर्ती परीक्षा का शासनादेश 5 दिसम्बर 2018 को जारी हुआ और 6 जनवरी 2019 को हुई लिखित परीक्षा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 22 दिसम्बर 2019 थी।


परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने बीटीसी 2015 4th सेमेस्टर का परिणाम 11 दिसंबर तृतीय सेमेस्टर बैक पेपर का परिणाम 17 दिसम्बर 2018 को घोषित किया था। फार्म में अर्हता तिथि आवेदन करने को तिथि को रखा गया था इसलिए चतुर्थ व तृतीय सेमेस्टर बैक पेपर का परिणाम भले ही शासनादेश जारी होने के बाद आया मगर 22 दिसम्बर के पहले सभी सफल अभ्यर्थी पूर्ण रूप से इस भर्ती के लिए अर्ह हैं। लेकिन आवेदन करने की तिथि यानी 6 से 22 दिसम्बर 2018 के दौरान बीटीसी 2015 बैच के 13765 प्रशिक्षु अयोग्य थे बैक पेपर के कारण उनके पास प्रशिक्षण के सभी अंकपत्र व प्रमाणपत्र नहीं थे। इनमें से बड़ी संख्या में प्रशिक्षुओं ने 2018 की टीईटी पास की थी लिहाजा कूटरचित ढंग से अपने फेल विषय में फर्जी अंक भरकर शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन कर दिया था और पास भी हो गए हैं। चूंकि उनके चतुर्थ सेमेस्टर का परिणाम आवेदन तिथि के बाद घोषित हुआ इसलिए 3 से 6 जून तक प्रस्तावित काउंसिलिंगमें जिला चयन समिति उन्हें बाहर कर देगी। दूसरे योग्य अभ्यर्थी का हक छीनने के अपराध में इन्हें कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ेगा।
आवेदन के समय अभ्यर्थियों ने भरा था घोषणा पत्र
भर्ती परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन के साथ ही अभ्यर्थियों से घोषणापत्र भराया गया था कि आवेदन की तिथि को मेरे पास आवेदन पत्र में उल्लिखित समस्त अंकपत्र|प्रमाणपत्र/आरक्षण एवं विशेष आरक्षण संबंधी प्रमाणपत्र उपलब्ध हैं। यदि परीक्षा के पूर्व या बाद में जांच के बाद कोई विवरण असत्य या गलत पाया जाता है तो संबंधित अधिकारी को अभ्यर्थन निरस्त करने,वैधानिक कार्रवाई का अधिकार होगा। यदि कोई भी सूचना गलत पाई गई तो उसका उत्तरदायित्व मेरा होगा।

भर्ती प्रक्रिया की तिथि के अंतर्गत ही सम्पूर्ण अर्हता के साथ आवेदन करने वाले लोग ही इस भर्ती में कानूनी रूप से मान्य हैं। अगर लोग कूटरचित ढंग से भर्ती प्रक्रिया में प्रतिभाग करने की कोशिश करते हैं तो ऐसे लोगों के बारे सूचित करने का कार्य हम करेंगे। आशीष पटेल, याचिकाकर्ता (हाईकोर्ट लखनऊ)