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कायाकल्प योजना भी नहीं मिटा पाई विद्यालयों की काई


बभनान, । कायाकल्प योजना परिषदीय विद्यालयों की काई नहीं मिटा पा रही है। विद्यालयों को हाईटेक करने की सरकारी मंशा गौर ब्लॉक में परवान चढ़ने से पहले ही दम तोड़ रही है। कायाकल्प योजना में 16 ग्राम पंचायतों ने ही रुचि दिखाई है।

शिक्षा क्षेत्र गौर में 204 प्राथमिक विद्यालय व 53 पूर्व माध्यमिक विद्यालय स्थापित है। प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों में डिजिटल क्लास, डीलक्स शौचालय, बैठने को डेस्क- बेंच, मिड डे मील हेतु रसोईघर व वाटर सप्लाई आदि की सुविधा मुहैया कराने को कायाकल्प योजना लाई है। मार्च 2023 तक परिषदीय विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना है। लेकिन गौर की 16 ग्राम पंचायतों ने कायाकल्प योजना में रूचि ली है।

इन ग्राम पंचायतों द्वारा विद्यालयों पर सामुदायिक शौचालय व बाउंड्रीवाल का कार्य पूर्ण किया है तो ब्लॉक के अधिकतर परिषदीय विद्यालयों पर काई जमी हुई है। जिससे भवन की सूरत बदसूरत हो गई है। 93 विद्यालयों का बाउंड्रीवाल बनाने का लक्ष्य था । सात जगह विवादित होने से कार्य नहीं हुए है। बीडीओ गौर केदारनाथ कुशवाहा ने बताया विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया है प्रधान से मिलकर योजना के मुताबिक कार्य पूर्ण करें।

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