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DBT: 40 हजार बच्चे वर्ष भर ड्रेस मिलने का करते रह गये इंतजार

सुल्तानपुर। शिक्षण सत्र 2021-22 बीत गया है। नवीन शिक्षण सत्र में नामांकन की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद भ परिषदीय विद्यालयों के 40,146 छात्र-छात्राओं को यूनिफॉर्म, स्वेटर, स्कूल बैग और जूता-मोजा का पैसा नहीं मिल सका। पिछले शिक्षण सत्र में नामांकित 2,77,285 में से 2,37,139 को ही डीबीटी का लाभ मिल पाया है।


दो जोड़ी यूनिफॉर्म, स्वेटर, स्कूल बैग और जूता-मोजा के लिए मिलने वाली 1100-1100 रुपये की धनराशि भी लचर व्यवस्था की भेंट चढ़ गई है। शिक्षण सत्र 2021-22 में नामांकित 2,77,285 में से लगभग 15 फीसदी बच्चे योजना का लाभ नहीं पा सके हैं। कई चरणों में 2,37,139 विद्यार्थियों के अभिभावकों के खाते में पैसे भेजे गए हैं। अब शिक्षण सत्र समाप्त हो गया है। डीबीटी योजना का पोर्टल भी अब ठप हो गया है। नए नामांकन की गतिविधियां चल रही हैं। जल्द ही नवीन नामांकित विद्यार्थियों के लिए डीबीटी की योजना शुरू होगी लेकिन 40,146 विद्यार्थी अब इस योजना का लाभ नहीं पा सकेंगे। शासन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जिन विद्यार्थियों को पूर्व में धनराशि मिली होगी और उस धनराशि से सामग्री क्रय की गई होगी, उन्हीं को नवीन शिक्षण सत्र में डीबीटी योजना का लाभ मिलेगा।

14,625 विद्यार्थियों के डाटा नॉन सीडेड
जिन 40,146 विद्यार्थियों को डीबीटी योजना का लाभ नहीं मिल पाया है, उसमें 14,625 विद्यार्थियों के अभिभावकों का डेटा नॉन सीडेड (बैंक खाता निष्क्रिय एवं आधार से लिंक नहीं) पाया गया है। 447 विद्यार्थियों के डेटा खंड शिक्षाधिकारियों के स्तर पर लंबित हैं। 263 विद्यार्थियों के डेटा संदिग्ध है। 914 विद्यार्थियों के डेटा शिक्षकों के स्तर पर संदिग्ध हैं। 637 विद्यार्थियों के डेटा शिक्षकों के स्तर पर लंबित हैं। 284 ड्रॉप आउट बच्चों के डेटा शिक्षकों के स्तर पर संदिग्ध हैं। 1951 विद्यार्थियों का नाम भुगतान के लिए बनाए जाने वाले बैच में नहीं हो पाया है। 275 विद्यार्थियों का आधार सत्यापित नहीं है। वहीं शेष विद्यार्थियों का डेटा राज्य परियोजना निदेशालय को अग्रसारित किया गया है लेकिन अभी तक पैसा नहीं मिल पाया है।

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