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उपमुख्यमंत्री का बड़ा बयान बोले- 2017 के घोषणा-पत्र के सभी वादे हमने पूर्ण किए, 3 लाख संविदा कर्मियों को नौकरी, पढ़े डिटेल्स जानकारी

 उपमुख्यमंत्री का बड़ा बयान बोले- 2017 के घोषणा-पत्र के सभी वादे हमने पूर्ण किए, 3 लाख संविदा कर्मियों को नौकरी, पढ़े डिटेल्स जानकारी


डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा का बड़ा बयान बोले- 2017 के घोषणा-पत्र के सभी वादे हमने पूर्ण किए, 3 लाख संविदा कर्मियों को नौकरी, पढ़े डिटेल्स जानकारी 
उत्तर प्रदेश सरकार के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा जनपद गाजीपुर के मोहम्मदाबाद पहुंचे और उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ साथ पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की है। बैठक के बाद उन्होंनेे बताया कि नकल के लिए नहींं अकल के लिए हमारा जनपद जाना जाए नकल विहीन परीक्षा संपन्न हो. उन्होंने बताया कि सरकारी विद्यालय प्रथम स्थान, उसके बाद निजी विद्यालय और जब उसके बाद भी संख्या कम होगी तो वित्तविहीन विद्यालयों में यह परीक्षा संपन्न होगी। किसी प्रकार की अनियमितता ना हो, इसका ध्यान रखा जाएगा. नकल कराने वाले या पेपर आउट कराने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. ऐसे लोगों को चिन्हित किया जाएगा.इस दौरान उन्होंने बताया कि 2017 में सरकार के द्वारा जो घोषणा पत्र जारी किया गया था, उसके सारे वादे पूरे कर लिए हैं और जो वादे नहीं किए थे उसे भी पूरा कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि उदाहरण के तौर पर हमने कहा था कि 10 विश्वविद्यालय बनाएंगे. 12 विश्वविद्यालयों की स्वीकृति हो चुकी है. चार विश्वविद्यालय और होने वाले हैं. 4 सालों में 77 डिग्री कॉलेज बनकर तैयार हो गए हैं. हमने वादा नहीं किया था कि 250 से विद्यालय बनाएंगे. 15 सालों में 48 विद्यालय बने थे.
 पौने पांच लाख के आसपास सरकारी नौकरियां दे दी है. 3 लाख संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति की है। संविदा के दो लाख रोजगार सृजन का काम किया है. गन्ना किसानों के मूल्य के भुगतान पर कहा कि सारा भुगतान किया है और यह क्रम में चलता रहता है. डेढ़ लाख करोड़ से ऊपर का गन्ना का भुगतान किया. बसपा सरकार से लेकर वर्तमान सरकार तक के बकाए का भुगतान किया है।



टीईटी का पेपर आउट पर होने पर कही ये बड़ी बात


एक दिन पहले टीईटी का पेपर आउट पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पहले ही घटना पर इतना सख्त निर्णय ले लिया है. कोई दृढ़ निश्चय मुख्यमंत्री ही ऐसा निर्णय ले सकता है. विपक्ष जो भी कहता है, वह हास्यास्पद है. पहले नकल व्यवसाय था, अब नकल के पहले ही कड़ी कार्रवाई कर दी जा रही है. वहीं, संस्कृत महाविद्यालय में टीचरों की कमी को लेकर कहा कि सारी कमियों को पूरा कर लिया गया है और महाविद्यालयों में अवकाश प्राप्त शिक्षकों से कमी को पूरा कर लिया जाएगा।

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