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राज्य शिक्षक पुरस्कार का कार्यक्रम स्थगित होने से अध्यापक निराश- बोले, कार्यक्रम स्थगित करना पूर्व राष्ट्रपति के आदर्शों की उपेक्षा

 राज्य शिक्षक पुरस्कार का कार्यक्रम स्थगित होने से अध्यापक निराश- बोले, कार्यक्रम स्थगित करना पूर्व राष्ट्रपति के आदर्शों की उपेक्षा

बस्ती। पांच सितंबर को शिक्षक दिवस के मौके पर दिए जाने वाले राज्य शिक्षक पुरस्कार का कार्यक्रम स्थगित किए जाने से शिक्षक नाराज हैं। शिक्षक संगठनों का कहना है कि शिक्षकों को यह सम्मान वर्षों दिया जा रहा है।


. इसके लिए शिक्षक आवेदन करते हैं और टीम की ओर से शिक्षकों का चयन होने पर उनको मुख्यमंत्री सम्मानित करते हैं। इस सत्र के लिए शिक्षकों से 11 अगस्त को ऑनलाइन आवेदन मांगा गया था। लेकिन सरकार ने अगली सूचना तक के लिए स्थगित कर दिया। सरकार के इस फैसले से शिक्षकों और प्रधानाचार्यों में निराशा है। शिक्षक संघ ने भी सरकार इस निर्णय को उचित नहीं बताया है। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष उदय शंकर शुक्ला ने सरकार से पुरातन परंपरा कायम रखने की मांग की है। प्राथमिक शिक्षक संघ के कोषाध्यक्ष अभय सिंह यादव ने कहा कि सरकार ने शिक्षक दिवस पर शिक्षकों को सम्मानित करने के कार्यक्रम को निरस्त कर उन्हें मायूस किया है। शिक्षक केवल सम्मान का भूखा होता है। शिक्षकों को सम्मान में चले आ रहे कार्यक्रम को निरस्त करना उचित नहीं है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष चंद्रिका सिंह ने कहा कि सरकार गुरुजनों की उपेक्षा
कर रही है। शिक्षक जो समाज को नई दिशा देता है।
उन्हें पुरस्कार से वंचित कर देना उनके अन्याय है। वहीं, दूसरी ओर पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन | के आदर्शों की भी उपेक्षा है। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री बालकृष्ण ओझा ने कहा की राज्य सरकार के इस फैसले से शिक्षकों में रोष है। शिक्षक समाज बहुत ही आहत हैं। शिक्षक समाज को नई दिशा देकर एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण करने में अपना सहयोग देता है।

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