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संस्कृत स्कूलों के लिए बनेगा अलग निदेशालय

 संस्कृत स्कूलों के लिए बनेगा अलग निदेशालय

देववाणी संस्कृत की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। वह अब बेहतर ढंग से विद्यार्थियों को संस्कृत की पढ़ाई कराने के लिए अलग निदेशालय बनाने जा रही है। अभी तक माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में ही इसका एक अधिकारी तैनात कर काम चलाया जा रहा है। अब जिला स्तर तक संस्कृत स्कूलों के अधिकारी नियुक्त होंगे।


संस्कृत निदेशालय में भी निदेशक, अपर निदेशक, उप निदेशक और संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारी तैनात किए जाएंगे। वहीं जिलों में भी अधिकारी होंगे और वह विद्यालयों का समय-समय पर निरीक्षण करेंगे। इसका मुख्यालय राजधानी में बनाए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जल्द ही इस पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी। अभी प्रदेश में 572 माध्यमिक संस्कृत एडेड स्कूल और 219 प्राइवेट स्कूल हैं। करीब 401 डिग्री कॉलेज भी हैं। फिलहाल संस्कृत स्कूलों में प्रथम, पूर्व मध्यमा प्रथम, पूर्व मध्यमा द्वितीय, उत्तर मध्यमा प्रथम व उत्तर मध्यमा द्वितीय के कोर्स चलाए जा रहे हैं।

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