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रिक्त पदों की जानकारी नहीं दे रहा बेसिक शिक्षा विभाग

रिक्त पदों की जानकारी नहीं दे रहा बेसिक शिक्षा विभाग

प्रतियोगी छात्रों को नौकरी पाने के लिए परीक्षा देने के साथ रिक्त पदों को भर्ती में शामिल कराने के लिए भी लंबी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। प्रतियोगियों को जानकारी मिली है कि बीडीओ की तरह बीएसए यानी बेसिक शिक्षाधिकारियों के रिक्त पदों को भी पीसीएस भर्ती में शामिल नहीं किया जा रहा है।

रिक्त पदों का प्रभार दूसरे बीएसए को देकर काम चलाया जा रहा है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय ने आरटीआई के तहत मई 2018 में बीएसए के रिक्त पदों की जानकारी लेने का प्रयास शुरू किया, दो साल हो गए पर उन्हें यह जानकारी नहीं मिल सकी। 29 मई 2018 को उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग के सचिव से आरटीआई के तहत जानकारी मांगी थी कि प्रदेश में बीएसए के कुल कितने पद हैं, वर्तमान में कितने कार्यरत हैं?


उन्होंने ऐसे बीएसए के नाम भी मांगे थे, जिनके पास एक से अधिक जिलों का प्रभार है। साथ ही यह पूछा था कि ऐसे कितने बीएसए हैं, जो तीन साल से एक ही जिले में तैनात हैं। निर्धारित अवधि में जानकारी न मिलने पर अवनीश ने 13 नवंबर 2018 को प्रथम और पांच मार्च 2019 को द्वितीय अपील की। फिर भी उन्हें जानकारी नहीं दी गई। सितंबर 2019 में अवनीश ने राज्य सूचना आयोग में अपील की। सितंबर और फरवरी 2020 में आयोग में हुई सुनवाई के बाद भी अवनीश को अभी तक यह जानकारी नहीं मिल सकी है। अवनीश का आरोप है कि सूचना छिपाने का सीधा मतलब है की प्रतियोगी छात्रों को जो जानकारी मिली है, वह सही है। बीडीओ की तरह बीएसए के भी पद रिक्त रखकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। उन्होंने सीएम से इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए उन्हें एक पत्र भेजा है।